557 दिन की मौन साधना रहेगी मुनि प्रसन्न सागर जी महाराज की

label_importantसमाचार

376वें दिन प्रसन्न उत्सव की हुई निर्विघ्न पारणा

न्यूज सौजन्य- राजकुमार अजमेरा

सम्मेदशिखर जी। मौन पूर्वक सिंहनिष्क्रीङित व्रत करने वाले विश्व के प्रथम आचार्य श्री अन्तर्मना प्रातः स्मरणीय आचार्य श्री 108 परम पूज्य प्रसन्न सागर जी महाराज की 21 जुलाई 2021 से गुरुदेव का मौन साधना प्रारंभ हुई है जो 28 जनवरी 2023 तक रहेगी। आचार्य श्री 496 उपवास और 61 दिन आहार ग्रहण करेंगे। 557 दिन की मौन साधना रहेगी। आज रविवार को 376वें दिन सिंह निष्क्रीङित व्रत (उत्तम) प्रसन्न उत्सव की निर्विघ्न पारणा हुई।
भारत गौरव साधना महोदधि अंतर्मना आचार्य 108 श्री प्रसन्न सागर जी महाराज पारसनाथ पहाड़ के स्वर्णमय स्वर्ण भद्र कूट टोंक पर विराजमान हैं। वहां मौन साधना में रत हैं। गुरुदेव के पारणा में मधुबन में विराजमान कई साधु गण पहाड़ पर हो रहे पारणा की अनुमोदना करने आए। देश- विदेश के सैकड़ों भक्त गुरुदेव की पारणा ओर दर्शन कर अपने जीवन को धन्य कर रहे हैं। सौम्यमूर्ति श्री 108 पीयूष सागर जी महाराज ससंघ बीसपंथी कोठी पारसनाथ में विराजमान हैं। यह जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा, मनीष सेठी ने दी है।

Related Posts

Menu