91 वर्षीय पूरन चन्द जैन ने दूसरा टीका लगवाया

label_importantसमाचार

– कहा-जीना मरना तय है लेकिन सरकार के साथ चलना आज की आवश्यकता।

सनावद | सामाजिक कार्यकर्ता, ओजस्वी वक्ता, मंगल कलश बुलेटिन श्रवणबेलगोला के संपादक राजेन्द्र महावीर-अनुपमा जैन के माता- पिता श्री पूरन चन्द केसर बाई जैन ने आज कन्या शाला सनावद में दोपहर 4 बजे कोविड वेक्सीनेशन सेंटर पहुँचकर अपना दूसरा इंजेक्शन लगवाया। 6 अगस्त 1931 को गढ़ाकोटा में जन्मे श्री पूरन चन्द जैन ने बताया कि जब वे प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन करते थे जब सन 1941में उनके नगर में प्लेग नामक महामारी फैली थी तब उनका परिवार महामारी से बचने के लिए नगर छोड़ कर नदी पार पहले पार जाकर लगभग एक माह तक कच्चे मकान बनाकर रहे थे। कई लोगों ने जान बचाने के लिए नगर छोड़ दिया था, उनके पड़ोसी सिंघई देशराज जैन व उनके परिवार के सोलह लोगों का महामारी से निधन हो गया था उनके दो पुत्रों फूलचन्द व खेमचंदजी को पांच वर्ष की उम्र में मालव प्रान्तिक सभा बड़नगर द्वारा संचालित अनाथालय में भर्ती कराया गया था । केवल वे दो बच्चे व छोटी सी दो लड़कियां बची थी, जिन्हें समाज जन बचाकर पहले पार ले आये थे जिससे वे बच गए थे। उन्होंने बड़नगर में ही अध्ययन कर डबल एम ए, किया और शिक्षक बने थे।

श्री पूरन चन्द जी जैन जो आध्यात्मिक विषयो के कुशल जानकर है का कहना है कि जीवन मरण , यश अपयश ये सब कर्माधीन है , जिस दिन से जन्म हुआ है उस दिन से ही हम मृत्यु के सफर तय करने के लिए निकले हैं, यदि इस सफर से हम घबरा जाते है तो यह हमारा कर्म सिद्धान्त या भगवान के प्रति अविश्वास है । जो होना है सो निश्चित है, लेकिन कर्म करना हमारा फर्ज बनता है , सरकार हमारे बचाव के लिए उपाय कर रही हैं, हमे सरकार के उपायो पर विश्वास करना चाहिए और बचने के सारे उपाय करने चाहिए, नियमित व संयमित दिनचर्या ,शुद्ध आचार विचार, सबके कल्याण की कामना करते हुए हमें प्रकृति को बचाने का उपाय करना चाहिए । प्रकृति के खिलाफ जाने के कारण ही ये महामारी बढ़ती है । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बड़वाह विधायक सचिन बिरला व दान दातार ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम कर रहे हैं जिससे जन सामान्य को लाभ होगा। सभी से अपील करते हुए कहा कि बीमारी से लड़ना है ,सरकार का सहयोग करना है ,डरना नही है, अच्छे विचारों का प्रसार करते रहे, हम सब बीमारी से शीघ्र मुक्ति पाएंगे।

– राजेन्द्र जैन “ महावीर” सनावाद

Related Posts

Menu