अ.भा.जैन पत्र संपादक संघ कोर ग्रुप की बैठक संपन्न : ठोस सुझावों पर किया जाएगा विचार

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दिल्ली । अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के तत्वावधान में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद के आमंत्रण पर राष्ट्रीय कोर ग्रुप की बैठक 19 फरवरी को सांध्य महालक्ष्मी टाइम्स के संपादक शरद जैन की अध्यक्षता में तथा परिषद के अध्यक्ष श्री चक्रेश जैन के मुख्य आतिथ्य में परिषद कार्यालय में आयोजित की गई। विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में श्री डी.आर. जैन , श्री अनिल जैन नेपाल तथा डॉ वीर सागर जैन थे। सभा का शुभारंभ वीर सागर संपादक प्राकृत विद्या के मंगलाचरण से प्रारंभ हुआ। संगठन के महामंत्री डॉ अखिल बंसल ने विगत दिनों हुई वेबीनार की चर्चा करते हुए पांच प्रमुख समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया । डॉक्टर वीर सागर ने जैन समाज की एकता पंथवाद, तीर्थों की सुरक्षा, राजनीतिक वर्चस्व तथा जैन पत्रकारिता पर विस्तार से चर्चा की। आपने बताया कि हमारे पास इतने संसाधन हो गए कि एक क्लिक पर सात समुंदर पार अपनी बात पहुंचा सकते हैं । आज लोगों में वैज्ञानिक चेतना आई है, आज के बच्चे तर्कशील हो गए हैं अब पहले जैसी धर्मांधता नहीं रही। हम सब मिलजुल कर कार्य करें तो बहुत काम किया जा सकता है ।आपने आचार्य विद्यानंद जी के बताए हुए दृष्टांत की चर्चा करते हुए कहा कि यदि हम सब एक हो जाएं तो सब पर भारी हैं। जैसे कि मधुमक्खी के पास ना तो तोप है और न तलवार ही पर उसकी एकता से सभी डरते हैं ।आपने कलम की ताकत का भी इजहार किया। श्री जिनेश कोठिया ने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा जैन विद्यालय खोले जाने की वकालत की। टाइम्स ऑफ इंडिया के श्री स्वराज जैन ने कोठिया जी की बात का समर्थन करते हुए फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।संपादक संघ की दिल्ली प्रदेश संयोजिका तथा स्वतंत्र पत्रकार श्रीमती पारुल जैन ने सामाजिक एकता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से एक होने की अपील की। आपने कहा कि आप कोई भी जैन हो हमें सबके साथ मिल जुल कर रहना चाहिए। सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक श्री सचिन जैन बड़ौत ने जैन तीर्थों की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा जैन जनगणना के समय सजगता का आह्वान किया। आज तक के श्री राहुल जैन ने मीडिया के अच्छे प्रोजेक्ट के सपोर्ट के लिए फंड बनाने का सुझाव देते हुए उच्च शिक्षा संस्थानों में जैन छात्र- छात्राओं के लिए सीट रिजर्व रखने का सुझाव दिया । आपने युवाओं की भागीदारी संगठन में बढ़ाने का सुझाव देते हुए स्कूलों के पाठ्यक्रम में जैनिज्म पर विस्तार से पढ़ाने का आह्वान किया। आपने प्रशासनिक अफसरों का डाटा कलेक्ट कर उनसे समाज के हित में सहयोग लेने का सुझाव भी रखा। पीटीआई के ऋचेश जैन ने समाज की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा समारोहों में होने वाले अनावश्यक व्यय पर चिंता व्यक्त करते हुए दीक्षार्थी की शिक्षा दीक्षा तथा क्रमिक दीक्षा देने का प्रावधान होने की बात रखी। मुख्य अतिथि श्री चक्रेश जी ने सामाजिक सौहार्दता व एकता पर बल दिया। परिषद के महामंत्री अनिल जैन नेपाल ने अखिल भारतवर्षीय दि. जैन परिषद् की शताब्दी समारोह की चर्चा करते हुए परिषद द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा दिया तथा युवा वर्ग को परिषद से जुड़कर कार्य करने का आह्वान किया । आपने भगवान महावीर के 2550 वें निर्वाणोत्सव पर एकजुट होकर कार्य करने के लिए प्रेरणा दी तथा इसकी रूपरेखा बनाने हेतु सभी से सुझाव मांगा। श्री शरद जैन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी वक्ताओं सुझाव पर अपनी राय दी तथा जनगणना और सामाजिक संगठनों को एक सूत्र में बांधने की आवश्यकता प्रतिपादित की।अंत में संपादक संघ के महामंत्री डा.अखिल बंसल ने मीटिंग आहूत करने तथा आवश्यक व्यवस्था हेतु परिषद् का आभार व्यक्त किया। आपने पधारे हुए सभी साथियों के प्रति भी कृतज्ञता ज्ञापित की।

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