आचार्य श्री वर्धमान सागर का श्रीमहावीरजी में मंगल प्रवेश आज

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आचार्य वर्धमान सागर जी राजकीय अतिथि

जयपुर। प्रसिद्ध दिगंबर जैन आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ससंघ का आज 18 जुलाई सोमवार को श्रीमहावीरजी में मंगल प्रवेश सुबह 11:30 बजे होगा और चातुर्मास स्थापना होगी। श्रीमहावीरजी में 24 वर्षों बाद 27 नवम्बर से होने वाले महामस्तकाभिषेक महोत्सव एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव को दिगंबर जैन आचार्य वर्धमान सागर महाराज का सान्निध्य मिलेगा। महावीरजी क्षेत्र के विकास एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई हैं। सफल आयोजन के लिए राजकीय स्तर पर समिति का गठन किया गया है। राज्य सरकार ने आचार्य श्री को राजकीय अतिथि घोषित किया गया है।

महोत्सव समिति के कार्याध्यक्ष विवेक काला व जैन समाज के नरेन्द्र जैन ने बताया कि आचार्य श्री का सोमवार को गंभीर नदी के उस पार शांति वीर नगर से सुबह 11 बजे बैण्डबाजों के साथ विशाल शोभायात्रा के रूप में महावीरजी के मुख्य मंदिर में प्रवेश होगा। आचार्य श्री के मंगल प्रवेश में शामिल होने के लिए जयपुर, दौसा, सिकन्दरा, करौली, दिल्ली, अलवर, हिंडौन, भरतपुर, कोटा, बून्दी, भवानीमण्डी, सवाईमाधोपुर, गंगापुर, श्रीमहावीरजी सहित पूरे प्रदेश के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

आयोजन की तैयारियों में जुटा जैन समाज

अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल एवं मानद मंत्री महेन्द्र कुमार ने बताया कि 21वीं सदी के प्रथम महामस्तकाभिषेक महोत्सव एवं देश के सबसे बड़े पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने के लिए जैन समाज के लोग आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। देशभर के हजारों श्रद्धालु इस मौके पर शामिल होंगे।

महावीरजी

जैन संस्कृति को दर्शाने के लिए विशेष स्तंभ

श्रीमहावीरजी म्यूजियम में जैन संस्कृति को दर्शाने के लिए विशेष स्तंभ बनाए जाएंगे। महामस्तकाभिषेक महोत्सव आयोजन को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से श्रीमहावीरजी में विकास कार्यों पर 6 करोड़ 13 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। 63.05 लाख रुपए की राशि रोडवेज बस स्टैंड की मरम्मत और आधुनिकीकरण, 20 लाख की लागत से खेड़ा मोड़ पर 20 फीट ऊंचा और 25 फीट चौड़ा प्रवेश द्वार, मुख्य मंदिर के चारों तरफ लाल पत्थर के झरोखा, गोरखा ,पिलर्स और छतरी के नवीनीकरण के लिए 63. 45 लाख, चरण छत्री धर्मशाला के पीछे स्थित पार्क को विकसित करने के लिए 51.50 लाख, 50 लाख रुपए की लागत से ढाई लाख लीटर की क्षमता वाले वाटर टैंक का निर्माण होगा। 50 लाख रुपए श्रीमहावीरजी बाजार के सौंदर्यीकरण पर खर्च होंगे। श्रीमहावीरजी म्यूजियम में बनने वाले विशेष स्तंभ पर 91. 06 लाख रुपए खर्च होंगे।

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