बांसवाडा में दस दिसम्बर को भव्य दीक्षा समारोह

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-आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज 5 ब्रह्मचारिणी बहनों को देंगे दीक्षा
– शुरू हुआ सात दिवसीय दीक्षा समारोह

बांसवाडा। आचार्य सन्मति सागर महाराज के सुयोग्य शिष्य आचार्य सुंदरसागर जी महाराज दस दिसम्बर को बांसवाडा में पांच ब्रह्चारिणी बहनों को दीक्षा प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम 1008 दिगम्बर जैन मंदिर मोहन कॉलोनी, रातीतलाई की ओर से श्री टावर के पास रातीतलाई मेन रोड,बांसवाड़ा में आयेाजित किया जा रहा है। इस सात दिवसीय भव्य दीक्षा समारोह का शुभारम्भ शनिवार पंचामृत अभिषेक और भक्तामर विधान से हो गया।
दीक्षा दिवस समारोह की जानकारी देते हुए आचार्य सुंदरसागर जी महाराज और अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने  पत्रकारों को बताया कि इस भव्य समारोह में बा.ब्र. रीता दीदी ,बा.ब्र. पूजा दीदी,बा.ब्र. सुरभी दीदी, ब्र. लक्ष्मी दीदी,ब्र. रश्मि दीदी को 10 दिसम्बर को दीक्षा दी जाएगी।
यह दीक्षा समारोह आचार्य समता सागर महाराज,आचार्य विभव सागर महाराज,आचार्य सुवीर सागर महाराज,आचार्य अनुभव सागर महाराज, उपाध्या ऊर्जयन्त सागर महाराज,मुनि आज्ञा सागर महाराज,मुनि विकसंत सागर महाराज,अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज सहित 67 पिच्छी धारी संतो का सानिध्य में सम्पन्न होगा। इनके साथ ही भट्टारक स्वस्तिश्री धवल कीर्ती स्वामीजी अरिहंतगिरी (तमिलनाडू), भट्टारक स्वस्तिश्री सिद्धांतकीर्ती स्वामी जी अरतीपुर(कर्नाटका) का सानिध्य भी रहेगा।
इस अवसर पर आाचर्य सुंदर सागर जी महाराज ने कहा कि दीक्षा आत्म कल्याण का साधन है। दीक्षा मनुष्य को सभ्य बना देती है।  दीक्षा बंधन से छूटने का मार्ग है। दीक्षा मनुष्य को संस्कारों से जोड़ देती है । दीक्षा के बाद 5 बहनें ंअपने आप को पहचानने की साधना करेंगी।
उन्होंने कहा कि गुरू का आशीर्वाद और शिष्य की श्रद्धा इन  दोनो पवित्र धाराओं के संगम का नाम ही दीक्षा है। अर्थात गुरू के आत्मदान और शिष्य के आत्मसमर्पण के मेल से ही दीक्षा संपन्न होती है। गुरु के द्वार मन्त्रों से दीक्षा संस्कार किया जाता है उसी से शिष्य के अंदर आत्मशक्ति प्रकट होती और उसी से वह अपने कर्माे से लड़ कर परमात्म बन जाता है।
आचार्य श्री ने कहा कि दीक्षा मनुष्य का दूसरा जन्म है। पहला जन्म माँ की कोख से हुआ और दूसरा जन्म दीक्षा संस्कार से होगा। पहले जन्म में उन्होंने जिनेन्द्र भगवान की आराधना कर पुण्य का संचय किया उसी पुण्य के संचय से 5 बहनें दीक्षा के योग्य बन पाई है अब वे शुभ अशुभ दोनो कर्माे की निर्जरा करने की साधना करेंगीं। आचार्य विभव सागर महाराज ने भी संबोधन किया।
अंतमुर्खी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने बताया कि आचार्य श्री सुन्दर सागर महाराज  अभी तक 36 दीक्षा प्रदान कर चुके हैं और 10दिसम्बर को 5 दीक्षा देने के बाद 41 दीक्षा दे चुके होंगे। उन्होंने बताया कि आचार्य सुंदर सागर महाराज की दीक्षा के 26 वर्ष हो चुके है। वे 9 से अधिक साहित्य की रचना कर चुके है। 12 से अधिक पंचकल्याण कर चुके हैं और सरस्वति शिरोमणि सहित 19 उपाधियां साधु संत और समाज द्वारा दी गई हैं।
दीक्षा समारोह में यह होंगे कार्यक्रम
अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज  ने बताया कि पंचामृत अभिषेक ,भक्तामर विधान के साथ दीक्षा महोत्सव का शनिवार से शुभारम्भ हो गया। दीक्षार्थियों दीदी द्वारा पंचामृत अभिषेक ,भक्तामर विधान किया गया। विधान के पुण्यार्जक सुभद्रादेवी महेन्द्र वोरा थे। विधान में 48 अर्ध्य के साथ भगवान आदिनाथ का गुणगान किया गया। आगे के कार्यकम निम्न अनुसार होंगे।
5 दिसम्बर-  कल्याणमदिर विधान, दीक्षार्थियों के वैराग्य की अनुमोदना।

6 दिसम्बर- आचार्य विमल सागर महाराज, आचार्य सन्मति सागर महाराज विधान,  गुरुभक्ति ।
7 दिसम्बर- शांतिविधान, ,हल्दी व होली कार्यक्रम, महिला संगीत व मेहंदी
8 दिसम्बर- दीक्षार्थी के धर्म के माता पिता के घर मंगल स्नान, गुरुपूजन, भव्य  दीक्षार्थियों की शोभायात्रा( बिनौली)
9 दिसम्बर- गणधर वलय विधान, दीक्षार्थियों की आहार चर्या, गोद भराई ,रक्षा बन्धन ,संघ समुदाय का अभिनंदन और विक्की पारीक भजन संध्या
10 दिसम्बर- पंचामृत अभिषेक ,मंदिर से दीक्षा स्थल की शोभायात्रा, दीक्षा कार्यक्रम।
इनका रहेगा सहयोग
मंदिर समिति के संरक्षक वोरा अशोक जैन ने बताया कि इस समारेाह में अध्यक्ष पवन कुमार नश्नावत, उपाध्यक्ष पवन कुमार वोरा, महामंत्री मनोज जैन, कोषाध्यक्ष कांतिलाल रणियावत, सहमंत्री रमेशचंद्र रजावत, कार्यकारिणी सदस्य वोरा अशोक जैन, अजबलाल वोरा, रमणलाल नश्नावत, राजेशकुमार बोहरा, मतिलाल बोहरा, अशोक वैद्य, महावीरलाल गंगावत, दिनेश चंद्र रजावत, राजेश मोरिया, दिनेश कुमार वोरा, निलेश मेहता, पूर्व अध्यक्ष रमणलाल  कलावत और डॉ दिनेश कुमार जैन सनत जैन ,राकेश राजावत,ऋषभ नश्नावत,आशीष नश्नावत,महावीर नश्नावत,लोकेन्द्र नश्नावत,जिनेन्द्र राजावत,पारस जैन, मयंक जैन का सहयोग रहेगा।
समारोह में आदिनाथ सुप्रकाश मित्र मण्डल, विमल-सन्मति युवा मण्डल, सुप्रकामति महिला मण्डल, विमल-सन्मति बहु मण्डल विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। इनके अलावा सुंदर युवा मंच, दिगम्बर जैन पार्श्व मण्डल लोहारिया, सन्मति युवा मण्डल भीमपुर, बालिका मण्डल कॉलोनी रातीतलाई, भारत युवा मण्डल लाहोरिया, पद्मावती महिला मण्डल लाहोरिया, अरिहंत ग्रुप मोहन कॉलोनी, रातीतलाई और बांसवाडा की समस्त धार्मिक संस्थाओं का सहयोग भी प्राप्त होगा।

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