फरवरी 2022 में आचार्यश्री के सान्निध्य में महावीरजी में होगा भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक व पंचकल्याणक

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श्रीक्षेत्र महावीर जी प्रबन्धकारिणी समिति ने आचार्य श्री वर्द्धमानसागरजी को श्रीफल समर्पित किया।


फरवरी 2022 में आचार्यश्री के सान्निध्य में महावीरजी में होगा। भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक व पंचकल्याणक

श्रीमहावीरजी, राजस्थान। राजस्थान के करौली जिले में स्थित सुप्रसिद्ध दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्रीक्षेत्र महावीर जी में मूलनायक भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक वर्ष 2022 के फरवरी माह में परम पूज्य पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्द्धमानसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में होगा।

वर्तमान शासननायक तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक बीसवीं सदी के प्रथम दिगम्बराचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा के पंचम पट्टाधीश जिनधर्म प्रभावक आचार्य श्री वर्द्धमानसागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य में सम्पन्न हो, यह निर्णय महावीरजी प्रबंधकारिणी कमेटी द्वारा सर्वसम्मति से पास किया गया और कमेटी के पदाधिकारियों ने कर्नाटक के बेलगाम में विराजित आचार्यश्री को इस हेतु श्री फल भेंटकर निवेदन करने के लिए जाने का निर्णय लिया।

कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु जी कासलीवाल, उपाध्यक्ष शांति कुमार जैन(Retd.IPS), कोषाध्यक्ष विवेक काला, संयुक्त मंत्रीगण सुभाष जैन एवं उमराव संघी तथा राकेश सेठी, श्री सुरेश सबलावत, श्री अनिल सेठी, श्री श्रीपाल गंगवाल, बंगलोर के श्री निहालचंद जी ठोल्या, तारादेवी सेठी, संगीता राजेश पंचोलिया इंदौर आदि ने सम्पूर्ण कमेटी और भारतवर्ष की दिगम्बर जैन समाज की ओर से आचार्यश्री से महामस्तकाभिषेक महोत्सव में मंगल सान्निध्य प्रदान करने हेतु 9 फरवरी को श्रीफल भेंट किया। संचालन कोलकाता के श्री राकेश सेठी ने किया।

कमेटी के अध्यक्ष श्री सुधांशू जी कासलीवाल एवं पदाधिकारियों ने कमेटी द्वारा प्रस्तावित निवेदन पत्र पढ़ा और आचार्यश्री के श्रीचरणों में निवेदित किया। कमेटी ने उपस्थित श्रावक श्राविकाओं के साथ श्रीफल भेंट किया।

तत्पश्चात श्रीपाल गंगवाल, श्री डी ए पाटिल, श्री फूलचंद आदि ने महावीर नगर (गेवराई) में वर्ष 2021 का चातुर्मास सम्पन्न करने हेतु श्रीफल भेंट किया। कमेटी ने कोलकाता के श्री राकेश सेठी, जयपुर के श्री सुरेश जी सबलावत और बैंगलोर के श्री अनिल सेठी को विशेष रूप से आमंत्रित किया।

श्रीफल भेंट होने के पश्चात आचार्यश्री ने आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि श्री क्षेत्र महावीर जी में ही हमारी मुनि दीक्षा सम्पन्न हुई और वर्द्धमान की भूमि होने की वजह से ही शायद गुरुदेव ने दीक्षा के समय हमारा नामकरण वर्द्धमानसागर किया। आचार्यश्री ने आगे कहा कि महावीरजी क्षेत्र के दर्शन लगभग 24 वर्ष किये थे, लगता है अब पुनः दर्शन लाभ का अवसर आने वाला है।

आचार्यश्री ने जैसे ही महामस्तकाभिषेक में अपना सान्निध्य प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की वैसे ही भगवान महावीर स्वामी और आचार्य श्री की जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा। इस दौरान कमेटी ने जानकारी देते हुए बताया कि महावीरजी महामस्तकाभिषेक समारोह -2022 में मस्तकाभिषेक के साथ साथ भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा, विभिन्न राष्ट्रीय सम्मेलन आदि अन्य कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

भगवान महावीर का महामस्तकाभिषेक वर्तमान के वर्द्धमान के सान्निध्य में होगा, ये जानकारी मिलते ही से सम्पूर्ण जैन समाज प्रफुल्लित है।

डॉ. सुनील संचय ललितपुर ने बताया कि राजस्थान स्थित दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी दिगम्बर जैन श्रद्धालुओं की आस्था का एक बड़ा केंद्र है।

आचार्य संघ का बेलगाम से श्री महावीरजी के लिए विहार शीघ्र होने की संभावना है।

धन्यवाद!
डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

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