दीक्षार्थी बहनों ने अंतिम बार भाइयों की कलाई पर बांधी राखी

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– बांसवाड़ा में भव्य जैनेश्वरी दीक्षा समारोह
– साधु चलते-फिरते तीर्थ : आचार्य सुंदर सागर महाराज
बांसवाड़ा, 9 दिसम्बर। बांसवाड़ा के रातीतलाई में चल रहे भव्य जैनेश्वरी दीक्षा समारोह में छठे दिन दीक्षार्थी ब्रह्मचारिणी रीता दीदी, पूजा दीदी, सुरभि दीदी, लक्ष्मी दीदी एवं रश्मि दीदी ने पंचामृत अभिषेक एवं दीक्षा विधि के मुख्य गणधर वलय विधान के माध्यम से जिनेन्द्र भगवान की पूजन की। इसके उपरांत पांचों दीक्षार्थी बहनों को हाथों में आहार करवाया गया, अब वे कभी भी थाली आदि में आहार ग्रहण नहीं करेंगी
दीक्षा प्रदाता आचार्य श्री सुन्दर सागर महाराज, आचार्य समता सागर महाराज, आचार्य विभव सागर महाराज, आचार्य सुवीर सागर महाराज, आचार्य अनुभव सागर महाराज सहित 70 पिच्छीधारी संतों के सानिध्य में दीक्षा के संस्कार कराए गए। दीक्षार्थी बहनों द्वारा धर्म के भाइयों और गृहस्थ भाइयां को आज अंतिम बार उनकी कलाई पर राखी बांधने का भव्य कार्यक्रम रखा गया। राखी बांधते समय समारोह परिसर में उपस्थित सभी श्रावक भावुक हो उठे। सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा दीक्षार्थी दीदियों की सामूहिक गोदभराई का कार्यक्रम भी किया गया।
इस सप्तदिवसीय दीक्षा महोत्सव में गुरूवार को कर्नाटक के अरतीपुर जैन मठ के भट्टारक स्वस्ति श्री सिद्धांतकीर्ति स्वामी का आगमन भी हुआ। दोपहर की सभा में आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं समाजजनों ने दीक्षा महोत्सव में सान्निध्य देने वाले सभी आचार्य संघ को जैन धर्म के महाग्रंथ धवल ग्रन्थ के 16 भाग प्रदान एवं पिच्छिका प्रदान की गई । साथ ही उपस्थित सभी साधु समुदाय को भी धर्म ग्रन्थ प्रदान किए गए।
आचार्य श्री सुंदर सागर महाराज ने कहा कि संतों के आहार-विहार में अपना समय देने वालों का समय कभी भी खराब नहीं होता है। इस कार्य से जो पुण्य का संचय होता है, उससे पाप कर्मों का नाश होता है। साधु चलते-फिरते तीर्थ हैं, इनकी चरण वंदना से बिगड़ते काम सुधर जाते हैं। आप सब पुण्यशाली है, जो आप को दीक्षा देखने का सौभाग्य मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि साधु ही वर्तमान में श्रावक का मार्गदर्शन कर सकते हैं, क्योंकि शास्त्र को पढ़कर हम धर्म को समझ सकें इतना सूक्ष्म ज्ञान हमारे अंदर नहीं है, ऐसे में मात्र साधु ही हमें धर्म का सच्चा मार्ग दिखा कर हमारे कर्मों की निर्जरा कर सकते हैं। आप भी जीवन में साधुओं की सेवा का संकल्प लें और जीवन चर्या ऐसी बनाएं कि व्यापार एवं व्यावहारिक कार्यों के बीच भी आवश्यक रूप से धार्मिक कार्यों के लिए समय निकाल सकें।

समाज अध्यक्ष पवन नश्नावत एवं महामंत्री मनोज जैन ने बताया कि आज यह होंगे कार्यक्रम
प्रात: 6:30 बजे जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा,8:45 को मोहन कॉलोनी जैन मंदिर से श्री टावर के पास बने पाण्डल तक शोभायात्रा एवं 9:30 से दीक्षा विधि के कार्यक्रम प्रारम्भ होंगे ।

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