डॉ. डी. वीरेन्द्र हेगड़े, राज्यसभा में सदस्य के रूप में मनोनीत

label_importantसमाचार

 

धर्मस्थला। कर्नाटक में 25 नवम्बर 1948 को जन्में डॉ .डी वीरेन्द्र हेगड़े को भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राज्यसभा मनोनीत सदस्य के रूप में नॉमित किया गया। डॉ.डी वीरेन्द्र धर्मस्थल मंदिर के वंशानुगत धर्माधिकारी है। वे 19 साल की उम्र से ही अपने सेवा कार्यों के लिए जाने जाते है। इन्हें परोपकारी पुरुष के रूप के नाम से भी जाना जाता है। यह सब संभव हो पाया है, क्योंकि धर्माधिकारी श्री वीरेन्द्र जी हेगड़े के पास धर्म को निखारने के लिए विशेष जुनून और विशिष्ट दृष्टि है, जिसे वह हम सबको अपने अनूठे अंदाज़ में प्रेरित करते हैं।

 

राज्यसभा में सदस्य के रूप में मनोनीत होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा कि वीरेंद्र हेगड़े जी उत्कृष्ट सामुदायिक सेवा में सबसे आगे हैं। मुझे धर्मस्थल मंदिर में प्रार्थना करने और स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे महान कार्यों को देखने का अवसर मिला है। वह निश्चित रूप से संसदीय कार्यवाही को समृद्ध करेंगे।

डॉ वीरेन्द्र के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पीटी उषा, वी. विजयेंद्र प्रसाद गारू, और इलैया राजा को भी बधाई दी।

वीरेंद्र हेगड़े धर्माधिकारी रत्नवर्मा हेगड़े के सबसे बड़े बेटे हैं। वे कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित श्री धर्मस्थल मंजुनाथ स्वामी मंदिर के अनुवांशिक ट्रस्टी हैं। जैन समुदाय से होने के बावजूद वीरेंद्र हेगड़े का परिवार कई हिंदू समुदाय के मंदिरों का बी ट्रस्टी है। वीरेंद्र हेगड़े दिगंबर जैन समुदाय से आते हैं। उनके तीन छोटे भाई- हर्षेंद्र, सुरेंद्र और राजेंद्र हैं। इसके अलावा उनकी एक बहन पद्मालता भी हैं। वीरेंद्र हेगड़े की पत्नी पद्मावती हेगड़े हैं। उनकी एक बेटी है, जिसका नाम श्रद्धा है।

800 साल प्राचीन इस धर्मस्थल मंदिर में भगवान मंजुनाथेश्वर अर्थात् “शिव” मुख्य देवता हैं । इस मंदिर में विष्णु धर्म को मानने वाले वैष्णव पंडित द्वारा पूजा की जाती है। इसके अलावा इस मंदिर का प्रशासन जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा किया जाता है और इन्हें यहां हेगड़े नाम से जाना जाता है।
यह सिर्फ महत्त्वपूर्ण तीर्थ स्थल ही नहीं बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का केंद्र भी है, जिसका अनुसरण करना चाहिए।

कर्नाटक स्थित यह शिव मंदिर एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर के निर्माण के पीछे हेगड़े परिवार के पूर्वजों को मिला देवादेश प्रसंग इसे और अधिक विशेष बनाता है । यह धर्मस्थली है, “मंजुनाथ स्वामी मंदिर ” जिसे जैन परिवार के वर्तमान में पदस्थ धर्माधिकारी श्री वीरेन्द्र जी हेगड़े के द्वारा चलाया जाता है, इन्होंने इस गाँव को न केवल समृद्ध शहर के रूप में तैयार किया बल्कि इसे क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, प्रशासनिक और न्यायिक सुधार के स्रोत भी बनाए।

किन कार्यों की वजह से चर्चा में रहे –
– रोज लाखों लोगों के लिए अन्नदान का आयोजन किया जाता है, लोगों के मुद्दों को सुनने के अलावा मंदिर में धर्माधिकारी मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित लोगों को छात्रवृत्ति, चिकित्सा और पेंशन के रूप में वित्तीय सहायता करते हैं।
– सांस्कृतिक मोर्चे पर, श्री धर्मस्थल मंजूनाथेश्वर यक्षगान कला केंद्र है जो पारंपरिक स्थानीय नृत्य , गांवों और गुरुकुल के भजन समूहों को प्रशिक्षण देता है और युवाओं को पारंपरिक गुरु-शिष्य परम्परा में शिक्षा प्रदान करते हैं।
– समाज में, मंदिर बड़े पैमाने पर विवाह का आयोजन करता है, जहाँ धर्माधिकारी दावत के अलावा दुल्हन के लिए शादी का पूरा खर्च उठाने के साथ ही हर जोड़े को आशीर्वाद देते है।
– जन-जगराथी – एक व्यसन छोड़ने का कार्यक्रम है, देश के इस हिस्से में कई ग्रामीण परिवारों को बर्बाद होने से भी बचाया है।
– धर्मस्थल मंजुनाथेश्वर धर्मोथाना (एसडीएमडी) ट्रस्ट ने 200 से ज्यादा मंदिरों को बहाल करने में मदद की है। साथ ही एसडीएम के मेडिकल ट्रस्ट के तहत पूरे भारत में अस्पताल हैं, जो जरूरतमंदों को मुफ्त चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं।

– वीरेंद्र हेगड़े को जैन समुदाय की करीब छह सौ साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इतना ही नहीं कला और संस्कृति के प्रचार में भी उनका अहम योगदान रहा है। नेचुरोपैथी, योग और नैतिक शिक्षा के प्रसार के लिए धर्मस्थल से जुड़े 400 हाईस्कूल और प्राइमरी टीचर हर साल इन विषयों में 30,000 छात्रों को शिक्षा देते हैं

डॉ वीरेन्द्र को उनके द्वारा किए गए सेवाकार्य के लिए मिले सम्मान
– सन् 2000 में डॉ वीरेन्द्र को भारत सरकार ने समाज सेवा क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

– 2015 में भारत सरकार ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

डॉ. डी वीरेंद्र हेगड़े के राज्यसभा नामांकन पर बोम्मई ने जताई खुशी

बेंगलुरु । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने श्री क्षेत्र धर्मस्थल के धर्माधिकारी डी. वीरेंद्र हेगड़े को राज्यसभा के सदस्य के रूप में नामित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री ने एक मीडिया विज्ञप्ति में हेगड़े को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण क्षेत्रों में उनके अपार कार्य और अनुभव से संसद में बहस की गुणवत्ता बढ़ेगी।

बोम्मई ने राज्यसभा के लिए हेगड़े जैसे अत्यधिक योग्य व्यक्तित्व की सिफारिश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

डॉ. डी वीरेन्द्र हेगड़े  ने राज्यसभा सदस्य मनोनीत होने पर अपने फेसबुक पेज पर सन्देश दिया ।

श्री नरेंद्र मोदी जी, इस भाव के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। देश के सबसे प्रतिष्ठित कार्यालयों में से एक के लिए नामांकित होना एक बहुत बड़ा सम्मान है। मुझ पर आपके निरंतर विश्वास और मेरी गतिविधियों के लिए आपकी मान्यता के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। मैं इस प्रतिष्ठित नामांकन को पूरे देश में अपनी सेवा का दायरा बढ़ाने का अवसर मानता हूं। भगवान मंजुनाथ स्वामी आपको सफलता और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें।

-डॉ.डी.वीरेंद्र हेगड़े

श्रीफ़ल फाउन्डेशन के मुख्य ट्रस्टी राजेश शाह में डॉ .वीरेन्द्र हेगड़े को शुभकामना दी ।

 

 

Related Posts

Menu