गुरु को नमोस्तु कहते ही मिल जाता है आशीर्वादः मुनि श्री सुधासागर जी

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  • अंतर्चेतना जगने से स्वतः ही खुल जाएंगे शान्ति और कल्याण के द्वार
  • खून के रिश्तों से उठ रहा है विश्वास

ललितपुर। ललितपुर में परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का मंगल चातुर्मास भारी धर्म प्रभावना के साथ चल रहा है। बुधबार को क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने साधू और गुरु के संबंधों का विवेचन करते हुए कहा कि साधू स्वयं बनता है जब साधू किसी शिष्य पर उपकार करता है, तब वह गुरु कहलाता है। जब गुरु को नमोस्तु करते हो, तभी आशीर्वाद मिल जाता है, इसे मांगना नहीं पड़ता। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया- श्लोक कहते हुए कहा उन्होंने कहा कि इसमें जीवन का गूढ़ रहस्य छिपा हुआ है। उन्होंने आगे कहा, मां और खून के रिश्तों को कलंकित नहीं करना, भाई और भाई, भाई- बहन के रिश्तों को श्रेयस्कर बताते हुए मनिश्री ने कहा कि कोई भी बात परिवार में खून के रिश्तों में नहीं छिपाना और न ही किसी प्रकार का धोखा करना।

उन्होंने कहा आज घर-घर में खून के रिश्तों पर से विश्वास उठ गया है और लोग मै-मेरा ओर तू तेरा में विश्वास करने लगे हैं। आज जरूरत अंतर्चेतना जगाने की है। यह जाग जाएगी तो जीवन की शान्ति और कल्याण के द्वार स्वतः ही खुल जाएंगे।

ललितपुर से अक्षय अलया व डा. सुनील संचय ने बताया कि आज प्रातःकाल क्षेत्रपाल मंदिर, मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं हुईं। इसके उपरान्त शान्तिधारा मुनिश्री के मुखारविन्द से हुई। रामप्रकाश जैन, सजीव जैन ममता स्पोर्ट ने भक्तिमय आरती परिवार सहित की।

मुनिश्री का चतुर्दशी को रहा उपवास
बुधवार को चतुर्दशी पर मुनि पुगंव श्री सुधासागर जी महाराज व ऐलक श्री धैर्यसागर जी महाराज का उपवास रहा। नगर गौरव मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज का आहार निधि जैन, प्रदीप सिंघई परिवार के यहां हुआ। क्षुल्लक श्री गंभीरसागर जी महाराज के केशलोंच हुए, आज उनका उपवास रहा। राजस्थान के चवलेश्वर पार्श्वनाथ से आए भक्तों ने मुनिश्री से आशीर्वाद ग्रहण किया और क्षेत्र के विकास के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया।

सांगानेर के पदाधिकारियों ने प्राप्त किया मार्गदर्शन

श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर जयपुर के पदाधिकारियों ने मुनिश्री के समक्ष श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद लिया और संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी तथा मार्गदर्शन प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि उक्त संस्थान पूज्य मुनिश्री की प्रेरणा व आशीर्वाद से संचालित है। यहां से विद्वान तैयार होते हैं। सायंकाल जिज्ञासा समाधान में मुनि सुधासागर महाराज ने श्रावकों की जिज्ञासा का समाधान किया। मुनि सुधासागर महाराज एवं मुनि पूज्यसागर महाराज अपने संघस्थ ऐलक धैर्यसागर महाराज एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के ललितपुर चातुर्मास में धर्मालुजनों के पहुंचने का सिलसिला थम नहीं रहा है।
जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डा. अक्षय टडैया, शीलचंद अनौरा, मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा, सभासद पंकज जैन मोदी, मनोज जैन बबीना, शीलचंद्र अनौरा, श्रीश सिंघई, अखिलेश गदयाना, नरेन्द्र कडकी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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