हमारे भीतर की शक्ति तिरोहित हो रही है -मुनि पुंगव श्री सुधा सागरजी महाराज

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ललितपुर। हर व्यक्ति किसी ना किसी से कुछ चाह रहा है गमले में पौधा भी इसलिए लगा रहे हैं कि जब फूल और फल लगे तो सुन्दरता मिल सकें। हमने पौधे भी अपने सुख के लिए लगाए है। ये विचार धारा हमारे मन में घर कर चुकी है इससे हमारी शक्तियां तिरोहित (अदृश्य, लुप्त) हो जाती हैं उक्त आश्य के उद्गार ललितपुर स्थित प्रतिभा स्थली गौशाला में गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागरजी महाराज ने व्यक्त किए। मुनिश्री ने आगे बताया कि पानी से हम प्यास बुझाने के साथ ही नहाकर अपनी सुंदरता को निखारने के रूप में काम में ले रहे है। इससे हम अभिशप्त हो जाएंगें हम सब कुछ कर रहे हैं, फिर भी हम कमजोर होते जा रहे हैं। हम सहिष्णु नहीं हो पा रहे हम असहिष्णु होते चले जा रहे हैं।

महोत्सव के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के वाणिज्य एवं श्रम मंत्री मन्नूलाल कोरी, झांसी ललितपुर के सांसद डॉ अनुराग शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार चूना, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हुकम काका, आनंद जैन, सुशील मोदी, पूर्व सांसद प्रतिनिधि विजय धुर्रा,अजय जैन, साईकिल पार्षद अनुराग जैन, सचिन जैन दिल्ली सहित देशभर से आए भक्तों ने गुरु चरणों में श्रीफल भेंट किया।

महोत्सव की शुरुआत तलवाड़ा समाज के भक्तों ने दीप प्रज्वलन कर किया। पाद प्रक्षालन राजेश आनंद डायग्नोस्टिक, विनोद टोडी कोटा ने किया। शास्त्र भेंट महावीर जैन हुकम काका कोटा, ज्ञानचन्द्र इमलिया, अनिल मामा भांजा ने भेंट किए। इसके साथ ही प्रतिभा स्थली की दीदीयों व बेटियों ने महा पूजन किया।पंकज भीलवाड़ा, शीला डोडिया जयपुर व प्रदीप भैया के मंत्रोच्चार और संगीत के साथ महा पूजन कराई गई, जिसमें देश भर के भक्त ने थाल समर्पित की।

पॉजिटिव के स्थान पर पावर थिंकिंग का उपयोग करें
उन्होंने कहा कि गुरु महाराज के दुसरे शिष्य को तीन दिन से बुखार आ रहा था तीन दिन से आहार नहीं लिया। पॉजिटिव थिंकिंग नहीं पावर थिंकिंग को जगाए। अंतर चेतना की बात है प्रदर्शन की बात नहीं। वे गुरु से सही प्रायश्चित चाहते थे। गुरु लाखों गुसियों पर जो प्रसन्न हो जाने वाले से अच्छा गुरु की डांट मिल गई।
गुरु ने मुझे आशीर्वाद नहीं दिया, मेरी ओर देखा नहीं यही तो वीतरागता हैं, जो हम गुरु में चाहते हैं। फिर क्यों, गुरु से आशीर्वाद की अपेक्षा करते हैं मैं ही आंख खोलकर भगवान को देखूं और भगवान मुझे देखे भी नहीं। उस दिन गुरु पूर्णिमा धन्य हो जाएगी जिस दिन जीव यह कहेंगे कि गुरुदेव मेरी साल भर की कॉपी जांच और जितने नम्बर काट सके उतनें काट लेना। काश गुरु देव मेरे नम्बर काट सकें जिससे मेरी गलतियां दूर हो जाए और मैं बुराइयों से रिक्त हो जाऊं।

दुनिया के किसी भी व्यक्ति के सहारे की जरूरत नहीं है
साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी व्यक्ति से सहारे की जरूरत नहीं होती, किससे मुझे क्या मिल सकता है यह उसका सबसे बड़ा पतन का कारण है। सारी दुनिया का सहारा बनने वाले का नाम गुरु होता है जिस के ऊपर दृष्टि पड़ जाए उसका नाम गुरु होता है। जिससे मैं बोल रहा हू उसका उद्धार हो जाए उसकी वाणी गुरु हो जाती है, वचन सिद्धि हो जाए जो सब कुछ देने की भावना रखें वह गुरु कहलाते हैं।

प्रतिभा स्थली गौशाला में हुआ भव्य पदार्पण
इसके पहले आध्यात्मिक संत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज,नगर गौरव मुनि श्री पूज्य सागर,ऐलक श्री धैर्य सागर,छुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज की मंगल अगवानी आज नेशनल हाईवे स्थित दयोदय पशु संरक्षण केंद्र (गौशाला) एवं प्रतिभा स्थली परिसर में हुई ,जहां मुनि श्री के मुखारविंद से भगवान श्री मुनिसुव्रत नाथ जी भगवान का अभिषेक शांतिधारा व पूजन किया गया। प्रतिभास्थली की छात्राओं एवं ब्रह्मचारिणी बहनों के द्वारा मुनिश्री की मंगल पूजा की गई। मुनि श्री की आहार चर्या प्रतिभास्थली में सम्पन्न हुई।

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