हुमचा पद्मावती में 23 किलो का निर्वाण लड्डू भगवान पार्श्वनाथ को चढ़ाया गया

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जयपुर। आज मोक्ष सप्तमी कहो या पार्श्वनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक, सिद्धक्षेत्र, अतिशय क्षेत्र सहित देश भर के सभी जैन मंदिरों में साधु संतों, विद्वानों, त्यागी, व्रती के सान्निध्य में भगवान पार्श्वनाथ का पूजन करने के बाद निर्वाणकाण्ड बोलकर निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। आइए, चित्र और संक्षिप्त जानकारी के साथ जानते हैं कहां और किसने निर्वाण लड्डू चढ़ाया।

स्वस्तिश्री भट्टारक देवेन्द्रकीर्ति महास्वामी जी के मार्गदर्शन-सान्निध्य में हुमचा पद्मावती में 23 किलो का निर्वाण लड्डू भगवान पार्श्वनाथ को चढ़ाया गया। इससे पहले निर्वाण लड्डू को लेकर तीन की तीन परिक्रमा जुलूस में रूप में लगाई गईं। लड्डू चढ़ाने के पहले भगवान का पंचामृत अभिषेक भी किया गया। इस अवसर पर अनेक श्रावक भक्त उवस्थित थे। सम्मेदशिखर जी में स्वर्णभद्र कूट पर अनेक साधु संतों के सानिध्य में हजारों भक्तों ने निर्वाण लड्डू चढ़ा ।

श्रीमहावीरजी में आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में तो पदमपुरा में गणिनी आर्यिका सृष्टिभूषण माताजी के सानिध्य में हस्तिनापुर जम्बूद्वीप में गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में ,श्रीक्षेत्र श्रवणबेलगोला में कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी के मार्गदर्शन में समाज और उपस्थित यात्रियों ने निर्वाण लड्डू चढ़ाया ।

प्रतापगढ़ में आचार्य सुन्दर सागर महाराज जी के सान्निध्य में ऋषभदेव मंदिर में समाज के श्रावकों ने निर्वाण लड्डू चढ़ाया। उसके पहले भगवान पार्श्वनाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया।

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