जैन प्रतिमा को यहां पूजते हैं अन्य धर्मों के लोग

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धौलपुर। देवी देवताओं को तो हम सभी मानते और पूजते हैं लेकिन एक व्यक्ति ऐसा है जिसने धौलपुर में एक चमत्कारी मूर्ति होने का दावा किया है। जी हां आरपी भैया नाम के इस व्यक्ति ने जो बात जैन समाज के लोगों को बताई,उसे जानकर हर इंसान अचंभित हो रहा है। दरअसल उन्होंने बताया कि वे कुछ समय पहले धौलपुर गए जहां चंबल पुल पर किसी महिला की आवाज सुनाई दी । जिसमें उस महिला ने उनको बताया कि यहां पर जैन प्रतिमा है। जब भैया जी ने इसे नजदीक से जानना चाहा तो उन्हें पता चला कि वो आवाज उस प्रतिमा के साथ ही किसी देवी की है। उन्होंने इसकी चर्चा कई बार अपने प्रवचनों में भी की थी और यह भी बताया था कि यह आवाज उन्हें उस प्रतिमा की ओर आकर्षित कर रही थी। जब उन्होंने इस सच्चाई का पता लगाना चाहा तो वह समाज के कुछ लोगों को लेकर उस जगह पहुंचे और देखा वहां एक जैन प्रतिमा निकली। जिस पर गांव के लोगों ने सिंंदुर लगा रखा था और गांव वालों का मानना था कि यह खाज खुजली वाली माता है तथा कई चमत्कार यहां होते हैं। लेकिन जैसी ही भैया जी ने स्तुतियां की तो स्वत: ही वहां अभिषेक होने लगा । इस नजारे को देख गांव के सभी लोग हैरान हो गए। अब भैया जी चाहते हें कि वहीं चंबल के किनारे एक भव्य मन्दिर का निर्माण हो तथा जैन आमनायों की ओर से यहां पूजा की जाए, साथ ही उस यक्षणि को वहां अलग स्थान देकर अजैनों की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक जिर्णोधार नहीं हो जाता तब तक वह धौलपुर में ही रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी सभी से आग्रह किया कि इस महाअतिशयकारी प्रतिमा को बेदी पर स्थान प्राप्त हो । भैया जी कहते हैं कि यह मुर्ति इतनी चमत्कारी हैं साबित होगी कि एक दिन खाज—खुजली ही नहीं कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी का इलाज भी आसानी से हो पाएगा।  आपको बता दें कि भैया जी गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य हैं तथा उन्होंने जन्म भले ही यादव कुल में लिया हो लेकिन जैन धर्म के लिए वह अपना सर्वस्व जीवन समर्पित कर चुके हैं।

 

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