जन- जन के शिखर संत हैं आचार्य श्री विद्यासागर जी संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को भारत रत्न से अलंकृत किया जाए- डॉ. जैनेंद्र जैन

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न्यूज़ सौजन्य -राजेश दद्दू

इंदौर । यह इंदौर नगर का परम सौभाग्य है कि श्रमण संस्कृति के महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आचार्य पदारोहण महोत्सव की स्वर्णिम बेला वर्ष में आचार्यश्री की सर्वश्रेष्ठ विदुषी शिष्या वंदनीय आर्यिका पूर्णमति माताजी ने आचार्य श्री के आशीर्वाद एवं उनकी अनुमति से वर्ष 2022 का अपना वर्षायोग इंदौर नगर में स्थापित कर हम सब को कृतार्थ और नगर को गौरवान्वित किया है। साथ ही यह भी हर्ष का प्रसंग है कि पूज्य आर्यिका मां के सन्निध्य में वर्षायोग के दौरान विभिन्न धार्मिक, क्रियाकलापों के साथ साथ गुरु आराधना महोत्सव, गुरु उपकार दिवस एवं गुणानुवाद सभा और नेमीकुमार की भव्य वैराग्य बारात का भी आयोजन होने जा रहा है।
आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज सामान्य संत नहीं हैं। वे धर्म और अध्यात्म के प्रभावी प्रवक्ता व श्रमण संस्कृति एवं जैन ही नहीं, जन- जन के शिखर संत हैं। आप पिछले 5 दशक से त्याग, तपस्या, ज्ञान, साधना, संयम, आराधना और अपनी करुणा के प्रभाव से जिन शासन की ध्वजा का शीर्ष ऊंचा कर रहे हैं। उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं चिंतन में वसुधैव कुटुम्बकम व लोक कल्याण की उदात्त भावनाएं समाहित हैं। आचार्य श्री वर्तमान में भारत की वसुधा पर साधनारत जैन संतों में सबसे श्रेष्ठ व ज्येष्ठ संत हैं। वे स्वः कल्याण के साथ-साथ लोक कल्याण की भावना से समृद्ध गांधीवादी विचारधारा से ओतप्रोत एक राष्ट्र हितेषी संत हैं। उनका संपूर्ण जीवन त्यागमय है जिन पर हमारी संस्कृति, समाज और राष्ट्र गौरव करता है। उनके प्रति जैन – जैनेत्तर समाज के अलावा भारत के राष्ट्र व राज्य के प्रमुख नेता, पदाधिकारी और शासन- प्रशासन के अधिकारी भी अगाध श्रद्धा और आस्था रखते हैं। इस पंचम काल में श्रमण संस्कृति के ऐसे शिखर संत का हमारे बीच होना हम सबके लिए गर्व और गौरव की बात है। धर्म, समाज, संस्कृति जीव दया और मानव सेवा के क्षेत्र में आचार्य श्री का जो अवदान है, उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए भारत सरकार को आचार्य श्री को भारत रत्न की उपाधि से अलंकृत करना चाहिए। प्रभु से प्रार्थना है कि आचार्य श्री एवं उनके द्वारा दीक्षित समस्त मुनि महाराजों व आर्यिकाओं का रत्नत्रय सदैव कुशल मंगल रहे व सभी शतायु हों।

(डॉक्टर जैनेंद्र जैन, दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर के मंत्री तथा दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय ट्रस्ट, छत्रपति नगर इंदौर के कार्याध्यक्ष हैं।)

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