एक गमला, जिनेन्द्र के नाम अभियान शुरू

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  • अब जन-जन तक जागरुकता का लक्ष्य
  • अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज बने प्रेरणा स्रोत

उदयपुर। पौधारोपण के यों तो कई अभियान चलते हैं लेकिन यही अभियान अगर धर्म-आस्था से जुड़ जाएं तो न केवल सफलता मिल सकती है बल्कि आमजन का जुड़ाव भी बढ़ सकेगा। इसी मंशा के चलते श्रीफल फाउंडेशन की ओर से भगवान आदिनाथ जन्म जयंती पर 17 मार्च  से अभियान शुरू किया गया है। इसमें आचार्य श्री शांतिसागर महाराज के मुनि दीक्षा शताब्दी वर्ष भी शामिल है। अभियान को नाम दिया गया है एक गमला…जिनेन्द्र के नाम। इसकी शुरूआत अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महराज के सान्निध्य में पहाड़ा दिगम्बर जैन मंदिर उदयपुर से की गई है।  साथ ही किशनगढ में भी इसकी शुरुवात की की गई है। यह अभियान के पीछे सोच यह है कि लोग अधिकाधिक रूप से पौधारोपण करें। कई पौधे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति भी करते हैं। अगर धर्म के साथ इसे जोड़कर घर में गुलाब का पौधा उगाने का उदाहरण समझ सकते हैं। घर में गुलाब का फूल धार्मिक अनुष्ठान में काम आ सकता है। इससे पौधारोपण के प्रति जागरुकता भी बढ़ेगी।

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