जीवन जीने का तरीका – प्रियंका सेठी

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जीवन बहुत जटिल और उतार-चढाव से भरा होता है। जीवन में खुशियां हैं तो दु:ख भी है। देखा जाए तो जीवन के सुख और दु:ख एक दूसरे के पूरक है। इनके बीच में जरूरी संतुलन बना कर ही जीवन जीने का मजा लिया जा सकता है। जिंदगी हमें खुश रहने के अनगिनत मौके देती है और खुश रहने का एक मौका निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि हमें ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा। दरअसल हम खुद ही यह मान लेते हैं जो अच्छा हुआ है, इससे अच्छा हमारे लिए और कुछ नहीं हो सकता और हमारी सोच के कारण ऐसा हो भी जाता है और इस तरह हम आने वाले अन्य अवसरों को स्वयं ही ठुकरा देते हैं।

देखा जाए तो अच्छी, खुशगवार जिंदगी जीना इतना मुश्किल है नहीं, जितना हमें लगता है। जिंदगी छोटी-छोटी खुशियो और अवसरों से भरी है जो मिलकर हमारे जीवन में बड़ा बदलाव ला देती हैं। ये बहुत छोटी और बेसिक चीजें हैं, जिन्हें जीवन में जगह देकर हम अपने जीवन को खुशगवार बना सकते हैं।

आइए देखें क्या हैं ये छोटी-छोटी बातें –

– सबसे पहले स्वयं से प्रेम करें और खुद के लिए जीना सीखें। कोई दूसरा आपको इतनी खुशी नहीं दे सकता, जितना आप स्वयं को दे सकते हैं।

– अपने दोस्तों से नियमित तौर पर मिलें और उनके साथ समय बिताएं। अपने जीवन के सुख-दुख उनके साथ साझा करें।

– हमेशा पैसे के लिए काम ना करें। पैसा इतना महत्व नहीं रखता है। आपका धन आपकी खुशी से मापा जाता है ना कि बैंक बैलेंस से।

– जीवन में हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहें। यदि सीखना छोड़ देंगे तो बहुत कुछ नया जानने को नहीं मिलेगा और विफलताओं का सामना करना पड़ेगा।

– जहां तक सम्भव हो सके दूसरों की गलतियों को माफ करें। यदि कोई जानबूझ कर आपको नीचा दिखाना चाहता है तो उस व्यक्ति से किनारा कर लें। ऐसे व्यक्ति से उलझना बेवकूफी है।

– आप अच्छी तरह जीते हैं तो यह दूसरों के लिए भी सबक बनता है और इस तरह आप समाज में व्यापक बदलाव के कारण बन सकते हैं।

मुझे यह सब लिखने की प्रेरणा मेरे गुरू अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर जी महाराज से मिली है। उनका आशीर्वाद हम सब पर हमेशा बना रहे, इसी कामना के साथ।

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