राजस्थान में महावीर जयंती के दिन अध्यापक पात्रता परीक्षा जैन समाज के प्रतिनिधियों ने दिया राज्यपाल को ज्ञापन

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जयपुर। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के दिन जब पूरे देश में अवकाश रहता है, उसी दिन राजस्थान में राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) कराई जा रही है। इस परीक्षा में जैन समाज के परीक्षार्थी भी बडी संख्या में शामिल होंगे। ऐसे में महावीर जयंती के दिन यह परीक्षा आयोजित किए जाने का जैन समाज ने कड़ा विरोध किया है और राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन दे कर यह परीक्षा स्थगित करने की मांग की है।
जैन समाज के लिए महावीर जयंती पर्व का क्या महत्व है, यह सब जानते हैं। पूरे देश में इस दिन अवकाश रहता है और शहर, कस्बे और गांव में प्रभात फेरियों से लेकर धार्मिक जुलूस व अन्य आयोजन होते हैं, जिनमें जैन समाज के युवा भी बडी संख्या में शामिल होते है। इस दिन सामान्य तौर पर विश्वविद्यालयों, काॅलेजों और बोर्ड आदि की परीक्षाओं का आयोजन भी नहीं किया जाता और अवकाश रहता है, वहीं इस दिन राजस्थान का शिक्षा विभाग रीट परीक्षा का आयोजन करवा रहा है।

राजस्थान में शिक्षक भर्ती की दृष्टि से यह परीक्षा काफी महत्वपूर्ण है। यहां 31 हजार सरकारी शिक्षकों की भर्ती होनी है और यह भर्ती इसी परीक्षा के माध्यम से होनी है। ऐसे में प्रदेश भर के करीब 12 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में भाग लेंगे। इनमें बडी संख्या जैन समाज के युवाओं और युवतियों की भी होगी। परीक्षा के कारण ये युवक और युवतियां महावीर जयंती के कार्यक्रमों में भाग नहीं ले पाएंगे। इसके अलावा जैन समाज के हजारों शिक्षक जो स्कूलों आदि में कार्यरत है, उन्हें भी इस परीक्षा में परीक्षक के रूप में ड्यूटी देेने के लिए जाना होगा। ऐसे में यह भी जैन समाज के इस महत्वपूर्ण पर्व के कार्यक्रामें में भाग नहीं ले पाएंगे।

राजस्थान में जैन समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने इस परीक्षा का आयोजन महावीर जयंत के दिन किए जाने को लेकर कडा विरोध जताया है। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के कार्याध्यक्ष व महामंत्री राजेन्द्र के. गोधा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने इस बारे में राज्यपाल से मुलाकात कर यह परीक्षा आगे करने की मांग की है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने भी इस बारे में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है और यह परीक्षा आगे खिसकाने की मांग की है, हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इस बारे में कोई निर्णय नहीं किया गया है।

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