पहला चारित्र चक्रवती शांतिसागर पुरस्कार डाॅ. श्रेयांस जैन को

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उदयपुर , 4 जून ।


श्रीफल फांउडेशन की ओर से दिगम्बर जैन संत चारित्र चक्रवर्ती आचार्य शांतिसागर जी की स्मृति में चारित्र चक्रवती शांतिसागर पुरस्कार की स्थापना की गई है और पहला पुरस्कार बड़ौत के व्याख्यान वाचस्पति डाॅ. श्रेयांस जैन को दिया जाएगा।
श्रीफल फाउंडेशन के ट्रस्टी राजेश शाह एवं अजीत जैन ने बताया कि अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज की प्रेरणा से जैन विद्वानों को सम्मानित करने के लिए इस पुरस्कार की स्थापना की गई है। इस कड़ी का पहला पुरस्कार सर्वाधिक पुरस्कारों एवं अलंकरणों से विभूषित जैन समाज के गौरव आगम सिद्धांत के ज्ञाता अनेक पुस्तकों के लेखक संपादक महा मनीषी बड़ौत के रहने वाले व्याख्यान वाचस्पति डाॅ. श्रेयांस जैन को दिया जाएगा। डाॅ जैन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से सम्बद्ध दिगम्बर जैन काॅलेज बड़ौत में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर का अध्यापन कार्य व शोध निर्देशन करते हैं। वे मुनि विद्यानंद शोधपीठ के निदेशक रह चुके हैं और प्राकृत अध्ययन व अनुसंधान संस्थान, दिगम्बर जैन काॅलेज बड़ौत के निदेशक हैं। उन्हें व्याख्यान वाचस्पति, विद्वतलिक, वाणीभूषण, ज्ञान वारिधि, विद्वतभूषण और जैन समाज रत्न जैसी उपाधियों सम्मानित किया जा चुका है। उनके निर्देशन में 13 शोध हो चुके हैं। वे तीन कृतिया लिख चुके हैं। चार कृतियों का अनुवाद कर चुके हैं और 24 कृतियों का सम्पादन कर चुके हैं।

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