पुण्य की भी चमक व्यक्ति के व्यक्तित्व व चेहरे पर दिखाई देती है

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भीलूड़ा । श्री दिगंबर जैन मंदिर भीलूड़ा में हुई धर्म सभा मे मुनि श्री प्रशमानंद महाराज ने कहा कि पाप और पुण्य छुपाएं नही छुपता है। पुण्य की चमक और पाप का भय तो व्यक्ति के चेहरे पर ही झलकता है।
मुनि श्री शिवानंद व मुनि श्री प्रशमानंद ने मंदिर में शांति धारा पंचामृत अभिषेक के बाद धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री प्रशमानंद महाराज ने कहा कि जैसे पुष्प की सुंदरता व कोमलता बाहरी स्वरूप देखकर ही झलकती है इसी तरह पुण्य की भी चमक व्यक्ति के व्यक्तित्व व चेहरे पर दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि धर्म एक अनुभूति है दिखावा नहीं है और धर्म का फल हमेशा मीठा होता है जो धर्म प्रधान व्यक्ति ही अनुभव कर
सकता है। मुनि श्री शिवानंद महाराज ने कहा कि लोभ वृति व लालच व्यक्ति को कंजूस व अधर्मी बना देते है और पुण्य कर्म व धर्म से दूर करते है। इसके बाद आयोजित आनंद यात्रा में मंगलाचरण अनिता जैन ने प्रस्तुत किया। प्रश्नोत्तर दे वाली बालिकाओं को हितेश शाह ने पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर जैन समाज अध्यक्ष अरविंद शाह, रमण लाल दुकावत, अशोक टूकावत, अजीत जैन, पलाश जैन, जिम्मी जैन, अमित टूकवत, अमित भरड़ा, ओमप्रकाश भरड़ा, हितेश भरड़ा, जयप्रकाश भरड़ा, भूपेंद्र जैन, श्रीपाल जैन, भरत जैन व प्रियंक जैन सहित जैन समाज के लोग मौजूद थे। संचालन धर्मेंद्र जैन ने

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