राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हुए एयर मार्शल शशिकर चौधरी जैन

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जयपुर/ सनावद। भारतीय वायुसेना में कमांडिंग इन चीफ, एयर मार्शल शशिकर चौधरी जैन को भारत के राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद ने अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया ।
भारतीय वायु सेना के मेंटेनेंस कमांड मुख्यालय के कमांडिंग इन चीफ श्री चौधरी का जन्म खंडवा मे हुआ है, वही सनावद नगर से उनका विशेष नाता रहा है ।

एमडी जैन स्कूल के डायरेक्टर हेमेंद्र जैन हेमू भाई उनके साढू भाई हैं वही कमल चंद जी जैन लौंदी वाले, सराफा व्यवसाई अक्षय जैन, बैंक कर्मी प्रत्तुष जैन भी उनके निकट के रिश्तेदार हैं। सनावद जैन समाज से पूर्णतः परिचित शशिकर चौधरी ने 29 अगस्त 1984 को एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग शाखा में कमीशन प्राप्त किया था ।इंदौर व आईआईटी खड़कपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद आप विगत 37 वर्षों से वायु सेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। वायुसेना मुख्यालय में अनुरक्षण प्रभारी वायु ऑफिसर, सहायक वायु सेना अध्यक्ष के साथ भारतीय दूतावास मास्को में आप डिप्टी एयर ऑफिसर के पद पर भी कार्य कर चुके हैं ।
शशि कर चौधरी की विशेष उपलब्धि से संपूर्ण जैन समाज गौरवान्वित हुआ है। महावीर ट्रस्ट मध्य प्रदेश के अध्यक्ष अमित कासलीवाल इंदौर मंत्री आशीष चौधरी सनावद ने कहा कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि पर उन्हें महावीर ट्रस्ट मध्य प्रदेश ने सम्मानित करने का भी निर्णय लिया है समाजसेवी राजेंद्र महावीर सनावद ने बताया कि भारतीय वायु सेना में कार्य कर शशिकर चौधरी ने जैन समाज का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है ,उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त होना हम सबकी प्रसन्नता को बढ़ाता है ,अत्यंत सरल और सहज व्यवहार के धनी श्री चौधरी ने अपने कार्यकाल में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीमती अनीता शशिकर चौधरी जैन भी वायु सेना पत्नी कल्याण संगठन की अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुकी है अनेक स्नेही जनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की ।

बड़ी उपलब्धि… 1984 में फौज में जाने का लिया था निर्णय, व्यावसायिक पृष्ठभूमि वाला है परिवार

खंडवा. में जन्में व पले-बढ़े एयर मार्शल शशिकर नेमीचंद जैन (चौधरी) अब भारतीय वायु सेना के मेंटेनेंस कमांड मुख्यालय के 36वें वायु अफसर कमांडिंग-इन-चीफ हैं। व्यावसायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से एयर फोर्स में जाने का फैसला करने वाले शशिकर जैन का 1984 में परिजन ने सपोर्ट किया, जिस वजह से वे अपनी पसंद की फील्ड में जा पाए। 5वीं कक्षा तक जैन पाठशाला में फिर 11वीं तक मल्टीपर्पज स्कूल में पढऩे वाले शशिकर ने इंदौर से इंजीनियरिंग की थी। 2017 में जब वे एयर वाइस मार्शल थे, तब खंडवा आए थे, यहां श्री पोरवाड़ दिगंबर जैन धर्मशाला में समाज ने सम्मान किया। उत्कृष्ट सेवा के लिए वायुसेनाध्यक्ष और पश्चिम वायु कमान मुख्यालय के वायु अफसर कमांडिंग-इन-चीफ द्वारा सराहा गया है और राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया। बता दें कि एयर मार्शल चौधरी विशिष्ट सेवा मेडल ने 29 अगस्त 1984 को एयरोनोटिक इंजीनियरिंग (मैकेनिकल) शाखा में कमीशन प्राप्त किया। वे आइआइटी खड़कपुर से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इसके अलावा वे डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज और प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। पत्नी अनीता चौधरी ने अध्यक्षा वायुसेना पत्नी कल्याण संगठन (क्षेत्रीय) का कार्यभार संभाला।

इन पदों पर संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
वायु अफसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभालने से पहले वे वायुसेना मुख्यालय में अनुरक्षण प्रभारी वायु अफसर के पद पर थे। 35 साल के कार्यकाल में वे वायु सेना मुख्यालय में सहायक वायु सेनाध्यक्ष के पद पर, दक्षिण वायु कमान में वरिष्ठ अनुरक्षण स्टाफ अफसर, प्रमुख बेस मरम्मत डिपो में वायु अफसर कमांडिंग व भारतीय दूतावास मास्को में डिप्टी एयर अॅटैची अफसर पद पर रहे हैं।

तब उन्होंने कहा था ये
15 नवंबर 2016 को समाज ने यहां खंडवा में सम्मान किया था, तब उन्होंने कहा था कि मेरी नजर में अब-भी खंडवा की माटी मधुर, सोंधी और पॉजीटिव है। खंडवा के पास रेल, पानी की कमी नहीं है लेकिन इंडस्ट्री नहीं है, इसलिए यहां मेक इन इंडिया पर काम हो, ताकि लोगों को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े।

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