आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का ससंघ मंगल प्रवेश राजस्थान में

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भवानीमंडी। आज एक ऐसे दृश्य की साक्षी बना भवानी मंडी, जिसके लिए देवलोक भी तरसता है। यह अवसर था आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के राजस्थान प्रवेश का। यह पहली बार था कि जब कृषि उपज मंडी पूरी तरह से अभिनन्दन में नतमस्तक हुई। व्यापारियों के स्थान पर श्रद्धालुओं की शक्ति और भावनाओं से मंडी को सराबोर कर दिया। ऑरेंज सिटी के नाम से मशहूर मंडी पूरी तरह से केसरिया रंग में रंगी थी।

श्रद्धालुओं का अपार जन समूह :-

मंगल प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं का समूह

 

प्रातः 7 बजे से आस-पास के गांवों से श्रद्धालुओं की अपार संख्या गुरु भक्ति के लिए प्रवेश द्वार पर पहुंचने लगीं। देखते ही देखते हजारों का अपार समूह जयकारों के उदघोष से गूंजने लगा। भक्ति भाव से 100 से अधिक लोगों ने बैंड वादन किया। 15 श्रद्धालुओं ने गुरु के आगमन पर शंखनाद करके श्री महावीर जी महामस्तकाभिषेक महोत्सव के लिए एक नए उत्साह का बिगुल बजा दिया।

आचार्य संघ के मंगल प्रवेश अवसर पर जैन समाज के भामाशाह श्रीमान अशोक जी पाटनी की उपस्थिति सभी कार्यकर्ताओं के लिए नया जोश भरने वाली थी । श्री महावीर जी महामस्तकाभिषेक महोत्सव समिति के पदाधिकारी भी भवानी मंडी पधारें। महोत्सव समिति के कार्याध्यक्ष श्री विवेक काला, सीपी जैन, श्री रूपिन काला, श्री अनिल दीवान, श्री सुरेश सबलावत, श्री धर्मचन्द पहाड़िया, श्री जय कुमार कोटा वाले, श्री राकेश सेठी, श्री राजकुमार कोठयारी, श्री कमल चांदवाड, श्री राजकुमार सेठी, श्री संजय पापडीवाल, श्री अजित जैन, श्री राजेश सेठी, हेमंत जी सौगानी आदि पहुंचे।

आचार्य वर्धमान सागर जी का स्वागत:-

इस अवसर पर आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन जल से श्री अशोक जी पाटनी ने , दूध से श्री कमल जी चाँदवाड़ जी ने , चंदन से श्री संजय पाटनी भवानी मंडी , दिलीपजी पण्ड्या ,पद्मावत रिज़ॉर्ट भवानी मंडी ने तथा पुष्पवर्षा श्री महेंद्र जी पाटनी किशनगढ़ वालों के द्वारा किया गया। सभी भक्ति के रस में भाव विभोर नजर आए। श्री महोत्सव समिति के कार्याध्यक्ष श्री विवेक काला ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया एवं श्री महावीर जी महोत्सव को यशश्वी बनाने के लिये सभी से जुड़ने का आव्हान किया। भवानीमंडी के प्रथम नागरिक श्री कैलाश जी बोहरा ने भी गुरु चरणों में अपने भाव अर्पित किए। श्री अशोक जी पाटनी जी ने गुरु तपस्या पर अपने विचार रखे और भवानी मंडी की भूरि-भूरि प्रशंसा की । धरियावद के श्री हंसमुख जी शास्त्री ने आचार्य संघ के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।

                                     

अंत में आचार्य श्री ने सभी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि, “गुरु भक्ति से सभी कार्य संपादित होते हैं।“ इसके बाद आचार्य भगवन के दर्शन , फिर आहार चर्या दोनों कार्यक्रमों में अपार जन समूह ने धर्म लाभ लिया। हजारों जन समूह के भावों से भरी भवानी मंडी आज सच में धर्म नगरी लग रही थी। इस अवसर पर आसपास के बागड़ क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों से जन समूह आया। जयपुर , किशनगढ़, कोटा , रामगंज मंडी , भिंडर, पारसोला , केशोरायपटन, धरियावद, सनावद, जोबनेर, निवाई और अन्य शहरों से श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। मंच संचालन कोलकाता के श्री राकेश जी सेठी ने किया। सभी श्रद्धालुओं के लिए आवास , प्रवास और भोजन की समुचित व्यवस्था थी। स्थानीय लोगों के सहयोग और समिति के मार्गदर्शन से गुरु प्रवेश के अवसर को एक ऐतिहासिक स्मृति बनाने में किशनगढ़ के संजय जी पापड़ीवाल और उनकी टीम के साथ भवानी मंडी के सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई।

संजय पापड़ीवाल जी से बातचीत के आधार पर

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