शाकाहार स्कूल खोलने की तमन्ना, ऐसी व्यवस्था जहां पर अभिभावकों के लिए भी धर्मशाला की सुविधा हो

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आचार्य श्री सुंदर सागर जी के आचार्य पद उपाधि दिवस पर विशेष

बांसवाड़ा। आचार्य श्री सुन्दर सागरजी का आज पदारोहण दिवस है। वह वर्तमान में मोहन कॉलोनी में विराजमान है। इस अवसर पर उन्होंने अपनी ऐसी अभिलाषाओं को बताया जो समाज को अग्रसर रखने के लिए आवश्यक है।
आचार्य सुंदरसागरजी ने कहा कि वह चाहते है कि देश में विभिन्न स्थानों पर शाकाहार स्कूल होने चाहिए। ऐसे स्कूल जहां पर शिक्षक और पढ़ने वाले सभी शाकाहार हो। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह बांसवाड़ा जिले में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। यह स्कूल ऐसा होगा कि जहां पर बच्चों के लिए तो छात्रावास बनेगा ही साथ ही अभिभावकों के लिए भी धर्मशाला हो। ताकी वह जब मन चाहे तब बच्चों को मिलने के लिए ही नहीं, बल्की एक-दो दिन रहकर माहौल को भी देख सके।
आचार्य ने कहा कि इसके लिए उत्तर प्रदेश के ऐटा में तो विमल सन्मति प्रचार समिति के नाम से एक संस्थान भी बना चुके है। वह अपने स्तर पर काम कर रहा है। जल्द ही इसकी नींव रखी जाएगी। लेकिन, आचार्य चाहते है कि राजस्थान में इसकी शुरूआत बांसवाड़ा शहर से हो। इस संबंध में उन्होंने बताया कि सभापति जैनेंद्र त्रिवेदी ने भी समुचित सहयोग का आश्वासन दिया है। वहीं इस स्कूल को लेकर संभागीय आयुक्त और केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के उप निदेशक ने भी उचित आश्वासन दिया है।

आईएएस और बैंकिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था जरूरी
आचार्य ने कहा कि आईएएस और बैंकिंग के लिए उत्कृष्ट प्रशिक्षण केंद्र होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शाकाहर स्कूल में यह जरूरी नहीं है कि जैन धर्म से जुड़े बच्चे ही हो, यदि नियम की पालना हो तो किसी भी धर्म के बच्चे इस स्कूल में पढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें विशेषत: आईएएस और बैंकिंग का भी प्रशिक्षण शामिल किया जाएगा।
2007 में मिली थी आचार्य की पदवी
आचार्य पदवी 2007 में आचार्य सन्मति सागरजी ने दी थी। दीक्षा भी आचार्य सन्मति सागर जी ने ही दी थी । आचार्य सुंदरसागरजी का 2021 का चातुर्मास बांसवाड़ा में रहा। वह यहां की संस्कृति से काफी प्रभावित हुए है। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा में धार्मिक विकास की बहुत गुंजाइश है। यहां के लोग धर्म के प्रति श्रद्धापूर्वक कार्य करते हैं।

समाज से आगे आने की अपील
इस अवसर पर आचार्य ने सामाज को आगे आने की अपील की है। आचार्य ने कहा कि यदि समाज इस कार्य के लिए आगे आता है तो यह निश्चित सफल होगा। सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी ने भी कहा है कि यदि इस प्रोजेक्ट पर स्थानीय समाज रूचि लेता है तो वह हर संभव जमीन से लेकर निर्माण तक सहयोग करेंगे।

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