तीर्थराज सम्मेदशिखर के संरक्षण,संवर्धन एवं तीर्थ के विकास में हुआ ऐतिहासिक फैसला

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साधना महोदधि, उभय मासोपवासी अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज ने गुरु पूर्णिमा पर सम्पूर्ण जैन समाज कों दिया विशेष उपहार

न्यूज सौजन्य-राजेश जैन दद्दू

शिखर जी । गुरु पूर्णिमा के अवसर पर साधना महोदधि अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने जैन समाज को, महानतीर्थ शास्वत तीर्थ शिखर जी के संरक्षण व विकास कार्य का निर्णय कर विशेष उपहार दिया है। आचार्य श्री के आशीर्वाद और सानिध्य में जैन समाज के महानतीर्थ शास्वत तीर्थ शिखर जी के संरक्षण व विकास के लिए दिगम्बर व श्वेताम्बर जैन समाज के मध्य ऐतिहासिक समझौता हुआ। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी और जैन श्वेताम्बर सोसाइटी के अध्यक्ष व पदाधिकारयो की उपस्थिति में सभी आवश्यक निर्णय लिए गएl अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के आशीर्वाद व प्रेरणा से दोनों ही कमिटियों ने अपने सभी वैधानिक विवादों कों वापस लेने पर सहमति प्रदान की और भविष्य में प्रेम मैत्री, सदभाव,समन्वय के साथ तीर्थ के संरक्षण व विकास के लिए साथ काम करने का संकल्प लिया l

साथ ही बताया कि साधना महोदधि, उभय मासोपवासी अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज सिंहनीस्किड़त व्रत के 557 दिन की अखण्ड मोन व्रत साधना में शिखर की स्वर्ण भद्र टोंक पर साधनारत है।

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